स्कैन की हुई पीडीएफ या फोटो से हिन्दी वर्ड फाइल कैसे बनाएँ
अंतिम बार देखा गया: 2026-09-07
पुराना आदेश, प्रमाणपत्र, या कोई सूची सिर्फ़ कागज़ पर है और उसे दोबारा टाइप करने का मन नहीं है। यह काम मशीन से हो सकता है, बशर्ते फोटो ढंग की हो।
यह काम करता कैसे है
टूल पन्ने पर बनी आकृतियों को देखकर अक्षर पहचानता है। इसका एक बड़ा फ़ायदा है — यह इस बात से बेपरवाह है कि मूल दस्तावेज़ किस फॉन्ट में टाइप हुआ था। कृति देव हो, देवलिस हो, चाणक्य हो, या टाइपराइटर से छपा हो — सब एक बराबर, क्योंकि पढ़ा कागज़ जा रहा है, फाइल की अंदरूनी बनावट नहीं।
अच्छी फोटो कैसे लें
- मोबाइल को कागज़ के ठीक ऊपर सीधा रखिए, तिरछा नहीं। पूरा पन्ना फ्रेम में आ जाए।
- दिन की रोशनी सबसे अच्छी रहती है। ट्यूबलाइट के नीचे अपनी परछाईं कागज़ पर न पड़े, इसका ध्यान रखिए।
- कागज़ को समतल रखिए। मुड़ा हुआ या बीच से उठा हुआ पन्ना पढ़ने में दिक्कत करता है।
- स्कैनर उपलब्ध हो तो 300 डीपीआई पर स्कैन कीजिए। उससे कम में छोटे अक्षर टूटने लगते हैं।
टेबल वाले पन्नों का क्या
जिन टेबल में लाइनें खिंची हैं, वे पहचान ली जाती हैं और वर्ड में असली टेबल बनकर आती हैं — तस्वीर चिपकाकर नहीं। यानी आप बाद में उनमें टाइप कर सकते हैं, पंक्ति जोड़ सकते हैं।
पर जिन टेबल में लाइनें नहीं हैं, सिर्फ़ जगह छोड़कर खाने बनाए गए हैं, वे टेबल नहीं बन पातीं। वे सादी लाइनों के रूप में आती हैं। यह सीमा है, और इसे छिपाने के बजाय बता देना ठीक है — अंदाज़े से टेबल बना देना उससे भी बुरा होता।
नतीजा कितना सही आता है
असली सरकारी दस्तावेज़ों पर नापने पर साफ़ स्कैन में लगभग 95-96% शब्द सही निकलते हैं। घनी टेबल वाले मुश्किल पन्ने पर यह 88% के आसपास रहता है।
जहाँ यह कमज़ोर है, वह भी साफ़ है: हाथ की लिखावट, नीचे लाइन खिंची हुई हेडिंग, और बहुत हल्की या धुँधली छपाई। इसलिए डाउनलोड करने से पहले टेक्स्ट एक बार पढ़ लीजिए — सुधार वहीं बॉक्स में कर सकते हैं।
अंक और तारीख़ें
एक पुरानी दिक्कत यह रही है कि हिन्दी पढ़ने वाला मॉडल अंक 1 को कभी 4, कभी 7 पढ़ लेता है। सरकारी कागज़ों में पत्रांक और तारीख़ें भरी रहती हैं, तो यह भारी पड़ता है।
इसका इंतज़ाम यह किया गया है कि जिन शब्दों में अंक हैं, उन्हें अलग से अंग्रेज़ी मॉडल से दोबारा पढ़ा जाता है, और दोनों की गिनती मिलने पर अंक बदल दिए जाते हैं। फिर भी पत्रांक और तारीख़ एक बार मिला ज़रूर लीजिए।
मोबाइल से सीधे फोटो खींचकर भी दे सकते हैं। चाहें तो साथ में सर्च होने वाली पीडीएफ भी बनवा लीजिए।
अपनी पीडीएफ या फोटो डालिए